सृजन व सृजक

छातों मे भीड़
पथ पर चलते
छत्रक छाया

छत्रक कुकुरमुत्ता

छाते मे छेद
देख के बच्चे खुश
टपकी छत

क्षणिका क्षण
क्षण मिटाके देता
क्षणिक ख़ुशी

बच्चे किलके
पारे से खेलकर
बूँदें पत्ते पे

बच्चे किलके
बिखरे आधे पाव
बूँदें पत्ते पे